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12वीं के दौरान सीयूईटी की ऐसे करें तैयारी

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  01-Nov-2023 | शालिनी बाजपेयी



12वीं के दौरान सीयूईटी की ऐसे करें तैयारी

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने शैक्षणिक सत्र 2022-23 से स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने का तरीका बदल दिया है। अब आप 12वीं कक्षा में कम नंबर आने के बाद भी अपने पसंदीदा कॉलेज से स्नातक कर सकते हैं। इसके लिये आपको सीयूईटी (कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट) की परीक्षा देनी होगी। इस परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर ही विभिन्न कॉलेजों में प्रवेश दिया जाएगा। यह परीक्षा नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) मोड में आयोजित की जाती है।

ऐसे में जिन विद्यार्थियों का लक्ष्य स्पष्ट है, वे इस परीक्षा की तैयारी में जुट गए होंगे; लेकिन अभी भी बहुत से विद्यार्थी ऐसे होंगे जिन्होंने परीक्षा की तैयारी शुरू नहीं की होगी क्योंकि वे असमंजस की स्थिति में होंगे। उन्हें समझ में नहीं आ रहा होगा कि क्या पढ़ना है और कैसे पढ़ना है? वहीं कुछ छात्र इस दुविधा में होंगे कि इंटरमीडियट की बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी करें या सीयूईटी की। ज़ाहिर-सी बात है कि, जिस प्रवेश परीक्षा में लाखों छात्र शामिल होने जा रहे हों, उसमें सफल होने के लिये भी सटीक रणनीति बनाना बेहद ज़रूरी है, अन्यथा 12वीं में शीर्ष रैंक पाने के बावजूद आप अपने मनचाहे कॉलेज में प्रवेश लेने से वंचित हो सकते हैं। इस परिस्थिति से निपटने के लिये आपको कोई ऐसा रास्ता चुनना होगा जिससे बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी के साथ-साथ सीयूईटी की भी तैयारी की जा सके। अगर अभी तक आपको ऐसा रास्ता नहीं मिला है तो परेशान न हों, हम आपकी मदद करने के लिये यहाँ पर कुछ टिप्स दे रहे हैं, जिन्हें अपनाकर आप अपनी दोनों परीक्षाओं की तैयारी को बेहतर कर पाएंगे। तो चलिये शुरू करते हैं-

सीयूईटी परीक्षा की प्रकृति को समझें

प्रत्येक परीक्षा की प्रकृति भिन्न होती है, ऐसे में उसकी तैयारी भी अलग तरीके से की जाती है। सबसे पहले छात्रों को यह जानना चाहिये कि जिस परीक्षा के लिये उन्होंने आवेदन किया है, उसका पैटर्न व पाठ्यक्रम क्या है और उसमें किस तरह के प्रश्न पूछे जा सकते हैं। सीयूईटी की बात करें, तो इसमें चार खंड/ सेक्शन्स हैं-

  • सेक्शन IA – 13 भाषाएँ
  • सेक्शन IB – 20 अन्य भाषाएँ
  • सेक्शन II – डोमेन- विशिष्ट विषय
  • सेक्शन III – जनरल टेस्ट/ सामान्य अभिरुचि परीक्षण
  • खंड IA और IB, दोनों में कुल 50-50 प्रश्न होंगे जिसमें से 40-40 प्रश्नों को हल करना होगा। इसके लिये आपको प्रत्येक में 45 मिनट का समय दिया जाएगा।
  • खंड-II में भी कुल 50 प्रश्न होंगे जिसमें से 40 प्रश्नों का उत्तर देना होगा। इसके लिये भी आपको 45 मिनट का समय दिया जाएगा।
  • वहीं, खंड-III में कुल 60 प्रश्न होंगे जिसमें से आपको 50 प्रश्रों के उत्तर देने होंगे। इसके लिये 1 घंटे का समय दिया जाएगा।

प्रत्येक खंड पर बनाएँ मज़बूत पकड़

  1. खंड IA और IB में भाषा का ज्ञान जाँचने के लिये पाठ बोध और रीडिंग कॉम्प्रिहेंशन से संबंधित प्रश्न पूछे जाएंगे। आपने जिस भाषा का चयन किया है, उसके व्याकरण के नियमों और शब्दकोश को अच्छे से पढ़ें। इस खंड के सभी प्रश्न पूरी तरह से आपके भाषा कौशल से संबंधित होंगे।
  2. खंड II में सभी प्रश्न 12वीं के एनसीईआरटी (NCERT) पाठ्यक्रम के अनुसार होंगे इसलिये जो छात्र अभी 12वीं बोर्ड की परीक्षाएँ देने रहे हैं या दे चुके हैं, उन्हें इस खंड के लिये अलग से मेहनत नहीं करनी होगी। आपने जिस डोमेन विशिष्ट विषय को चुना है, उसका गहनता से अध्ययन करें और महत्त्वपूर्ण टॉपिक्स के नोट्स बनाएँ। समय-समय पर अपने नोट्स को रिवाइज़ करते रहें।
  3. खंड-III में समसामयिक घटनाएँ, सामान्य मानसिक योग्यता, संख्यात्मक योग्यता, क्वांटिटेटिव रीजनिंग, लॉजिकल एंड एनालिटिकल रीजनिंग से संबंधित प्रश्न पूछे जाएंगे। जो विद्यार्थी स्ट्रीम बदलने का विचार कर रहे हैं, उन्हें इस खंड की तैयारी के लिये अधिक समय देना चाहिये।

टाइम टेबल तैयार करें

12वीं की बोर्ड परीक्षाओं और सीयूईटी एंट्रेंस,दोनों परीक्षाओं की तैयारी को पर्याप्त समय दिया जा सके, इसके लिये टाइम मैनेजमेंट करना बहुत ज़रूरी है। अपने अनुसार एक सही टाइम टेबल बनाएँ जिसमें दोनों परीक्षाओं के पाठ्यक्रम और उन विषयों पर अपनी पकड़ को ध्यान में रखते हुए समय का आवंटन करें। कमज़ोर विषयों पर अधिक समय दें। इसके अलावा, सुबह के समय कठिन और रात में रूचिकर विषयों को पढ़ें, जिससे विषयों को लंबे समय तक याद रखने में मदद मिलेगी।

ओवरलैपिंग सामग्री की पहचान करें

समय और ऊर्जा बचाने के लिये उन विषयों की पहचान करें जो 12वीं और सीयूईटी, दोनों ही परीक्षाओं में पूछे जाएंगे। यदि कोई अवधारणा (कॉन्सेप्ट) दोनों में शामिल है, तो उसमें महारत हासिल करने के लिये अतिरिक्त समय दें। इस प्रकार आप एक तीर से दो निशाने साधने में सफल होंगे।

छोटे-छोटे लक्ष्य निर्धारित करें

कई बार विद्यार्थी जोश में आकर बड़े-बड़े लक्ष्य निर्धारित कर लेते हैं जिसके चलते वे अपने ही बनाए गए शेड्यूल का लंबे समय तक पालन नहीं कर पाते हैं और उनमें निराशा घर कर लेती है। इससे बचने के लिये आप अपनी तैयारी को छोटे-छोटे खंडों में बाँट लें और उनके पूर्ण होने के पश्चात ही अगले खंड पर जाएँ। इस प्रकार से आपको पढ़ाई बोझिल नहीं लगेगी और आप आसानी से अपने मुकाम को हासिल कर पाएंगे।

सही वातावरण का करें चुनाव

यह बेहद ज़रूरी है कि कोलाहल और नकारात्मक विचारों से भरे स्थान पर बैठकर पढ़ाई न करें। गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई के लिये एक शांत और व्यवस्थित स्थान का चयन करें। इसके अलावा, पढ़ाई के दौरान फेसबुक, इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, फोन पर दोस्तों से गपशप या अन्य कुछ भी, जो आपकी पढ़ाई के दौरान व्यवधान उत्पन्न करता है, उससे दूरी बनाकर रखें।

मॉक टेस्ट दें

तैयारी के दौरान समय-समय पर मॉक टेस्ट देते रहें, ताकि परीक्षा में पूछे जाने वाले विषयों के बारे में एक समझ विकसित हो जाए। साथ ही, मॉक टेस्ट में मिले अंकों से अपनी प्रगति का मूल्याकंन करें और गलतियों को दोहराने से बचें। अपनी उपलब्धियों का जश्न मनाएँ और एक नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ें।

कुशल अध्ययन तकनीकों का अभ्यास करें

एक्टिव रिकॉल, स्पेस्ड रेपिटिशन और कॉन्सेप्ट मैपिंग जैसी कुशल अध्ययन तकनीकों का उपयोग करें। ये तरीके आपको जानकारी को अधिक प्रभावी ढंग से सीखने और उन्हें लंबे समय तक स्मृति में बनाए रखने में मदद करेंगे।

मोटिवेट रहें

किसी भी परीक्षा में सफल होने के लिये मोटिवेट रहना बहुत महत्त्वपूर्ण है। सकारात्मक सोचें और आत्म अनुशासन में रहकर सही रणनीति के साथ मेहनत करते जाएँ। साथ ही, उन शिक्षकों, गुरुओं या वरिष्ठों से मार्गदर्शन लेने में संकोच न करें जिन्होंने शैक्षणिक और प्रवेश परीक्षा की तैयारी में सफलतापूर्वक संतुलन बनाया है। वे सूक्ष्म दृष्टि, अध्ययन युक्तियाँ और भावनात्मक समर्थन प्रदान कर सकते हैं जो आपकी इस यात्रा को आसान करने में मदद करेंगे।

स्वास्थ्य का ध्यान रखें

कहते हैं ‘’स्वस्थ शरीर में स्वस्थ मस्तिष्क का निवास होता है’’ इसलिये इन सभी उपायों से पहले जिस पर सबसे अधिक ध्यान देना है वह है स्वास्थ्य। संतुलित आहार लें, योगाभ्यास करें, ध्यान करें, पर्याप्त नींद लें। एक स्वस्थ जीवनशैली आपका ध्यान केंद्रित करने, स्मृति बढ़ाने और तनाव को कम करने में मदद करती है। साथ ही, उन गतिविधियों में शामिल हों जिनका आप आनंद लेते हैं; दोस्तों और परिवार के साथ समय बिताएँ और खुद को आराम के पल दें। ये छोटे-छोटे ब्रेक आपके दिमाग को तरोताज़ा करते हैं।

पढ़ाई के दौरान इन बातों का भी रखें ध्यान-

  • अपनी कमज़ोरियों को पहचानते हुए एक ठोस योजना बनाकर अध्ययन करें।
  • जिस परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, उसी पर फोक्सड रहें।
  • वेबसाइट, यू-ट्यूब जैसे माध्यमों का ज़्यादा-से-ज़्यादा सदुपयोग करें।
  • पढ़ते समय मुख्य बिंदुओं को रेखांकित करें।
  • अपने नोट्स में बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ) के सेट बनाएँ।
  • अभ्यास पुस्तकों में दिये गए बहुविकल्पीय प्रश्नों को हल करें।
  • अगर किताब पढ़ते समय किसी तथ्य पर संदेह हो रहा है तो उसे किसी दूसरे विश्वसनीय स्रोत से जाँचें या किसी विशेषज्ञ से पूछकर स्पष्ट करें।
  • अपने नोट्स को समय-समय पर अपडेट करते रहें।

क्या सीयूईटी को पास करने के लिये कोचिंग की आवश्यकता है?

अक्सर छात्रों के मन में यह प्रश्न उठता है कि क्या सीयूईटी जैसी बड़ी प्रवेश परीक्षा को पास करने के लिये कोचिंग करना चाहिये या नहीं? वास्तव में देखा जाए तो इस सवाल का जवाब किसी के पास नहीं है। छात्रों को अपनी क्षमता और रुचियों के अनुसार खुद ये तय करना होगा कि उन्हें इससे संबंधित कोर्स खरीदने की आवश्यकता है या नहीं।

अगर छात्रों को लगता है कि उनके पास जो अध्ययन सामग्री पहले से उपलब्ध है, वे उसे अच्छी तरह से समझने में सक्षम हैं और उनके कॉन्सेप्ट स्पष्ट हो रहे हैं, तो उन्हें अलग से कोई कोर्स खरीदने की ज़रूरत नहीं है। वहीं, अगर किसी छात्र को लगता है कि उसकी तैयारी में कुछ कमी है तो वह पेड कोर्स ले सकता है।

निष्कर्ष

यह कहना गलत नहीं है कि इंटरमीडियट के नियमित शैक्षणिक अध्ययन और सीयूईटी परीक्षा के बीच सही संतुलन बनाना चुनौतीपूर्ण है, लेकिन दृढ़ संकल्प, अनुशासन और सटीक रणनीतियों के साथ इस चुनौती को पार किया जा सकता है। इसलिये सकारात्मक रहें, आत्मविश्वास बनाए रखें और नियमित अभ्यास करते रहें। उम्मीद करते हैं कि हमारे द्वारा बताए गए इन सुझावों से सीयूईटी परीक्षा में शामिल होने वाले सभी विद्यार्थियों को बेहतर रणनीति बनाने में मदद मिल सकेगी और वे निश्चित ही सफलता प्राप्त करेंगे।

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  शालिनी बाजपेयी  

शालिनी बाजपेयी यूपी के रायबरेली जिले से हैं। इन्होंने IIMC, नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा करने के बाद जनसंचार एवं पत्रकारिता में एम.ए. किया। वर्तमान में ये हिंदी साहित्य की पढ़ाई के साथ साथ लेखन का कार्य कर रही हैं।



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