04-Jul-2025
CITES के 50 वर्ष
विविध
चर्चा में क्यों?
वर्ष 2025 में वन्य जीव-जंतुओं और वनस्पतियों की लुप्तप्राय प्रजातियों के अंतर्राष्ट्रीय व्यापार पर कन्वेंशन (CITES) के 50 वर्ष पूरे हो गए हैं, जिसे 1 जुलाई 1975 को लागू किया गया था।
CITES के बारे में
- उत्पत्ति: CITES का प्रस्ताव सबसे पहले 1963 में अंतर्राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (IUCN) की बैठक में प्रस्तुत किया गया था।
- उद्देश्य: यह सरकारों के बीच एक स्वैच्छिक समझौता है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि जंगली जानवरों और पौधों की प्रजातियों के अंतर्राष्ट्रीय व्यापार से उनका अस्तित्व खतरे में न पड़े।
- कार्यप्रणाली: CITES एक अनुमति-आधारित प्रणाली के माध्यम से कार्य करता है जो समझौते में सूचीबद्ध प्रजातियों, उनके अंगों और उत्पादों के आयात, निर्यात तथा पुनः-निर्यात को नियंत्रित करता है।
- CITES परिशिष्ट: इसमें प्रजातियों को उनके संरक्षण स्तर के आधार पर तीन परिशिष्ट (Appendices) में वर्गीकृत किया गया है।
- प्रबंधन: CITES सचिवालय का प्रबंधन संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) द्वारा किया जाता है और इसका मुख्यालय जिनेवा, स्विट्ज़रलैंड में स्थित है।
- वैश्विक विस्तार: वर्ष 2024 तक, 185 पक्ष (देश और क्षेत्रीय संगठन) CITES से जुड़ चुके हैं। भारत वर्ष 1976 में इसका पक्ष बना था।
- कानूनी प्रकृति: CITES कानूनी रूप से बाध्यकारी है, लेकिन यह किसी देश के राष्ट्रीय कानूनों पर अधिप्रभावी नहीं होता। प्रत्येक सदस्य देश को अपने घरेलू कानून के माध्यम से CITES को लागू करना होता है।
अंतर्राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (IUCN)
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MCQ के माध्यम से तैयारीप्रश्न. CITES सचिवालय का प्रबंधन कौन-सा संगठन करता है?(1) विश्व वन्यजीव कोष (WWF) उत्तर: (3) संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) |