25-Jun-2025
धरती आबा जनभागीदारी अभियान
विविध
चर्चा में क्यों?
भारत ने धरती आबा जनभागीदारी अभियान (DAJA) की शुरुआत की, जो अब तक का सबसे बड़ा जनजातीय अभियान है, जिसमें 31 राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के 1 लाख से अधिक गाँवों को शामिल किया गया। मात्र 9 दिनों में यह 53 लाख जनजातीय नागरिकों तक पहुँचा, जहाँ 22,000 से अधिक शिविरों के माध्यम से आधार, आयुष्मान भारत, पीएम-किसान, उज्ज्वला तथा जन धन योजनाओं में पंजीकरण सुनिश्चित किया गया।
अभियान के बारे में
- शुभारंभ: इस अभियान की शुरुआत केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री द्वारा एक महत्त्वपूर्ण संपर्क पहल के रूप में की गई।
- कवरेज: यह एक वृहद स्तर का लाभ संतृप्ति अभियान है, जो निम्न क्षेत्रों में संचालित हो रहा है:
- 550 जनजातीय ज़िले
- 2,900+ विकास खंड
- 207 विशेष रूप से दुर्लभ जनजातीय समूह (PVTG) बहुल ज़िले
- लगभग 1 लाख गाँव और बस्तियाँ
- सेवाओं की घर तक पहुँच
- सेवाएँ 'लाभ संतृप्ति' शिविरों के माध्यम से प्रदान की गईं।
- जनजातीय लोगों के घरों तक सीधे अंतिम-मील सेवा प्रदान करने पर ध्यान केंद्रित किया गया।
- शामिल प्रमुख योजनाएँ
- पीएम-जनमन (वर्ष 2023 में प्रारंभ)
- धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान (वर्ष 2024 में प्रारंभ)
- जनजातीय गौरव वर्ष के संदर्भ में
- यह अभियान जनजातीय गौरव वर्ष का हिस्सा है, जिसे भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में शुरू किया गया है, जो एक महान जनजातीय स्वतंत्रता सेनानी थे।
- इसका उद्देश्य जनजातीय समुदायों की संस्कृति, विरासत और योगदान को सम्मानित करना है।
MCQ के माध्यम से तैयारीप्रश्न. भारत की अब तक की सबसे बड़ी जनजातीय आउटरीच पहल, धरती आबा जनभागीदारी अभियान किसने शुरू की?(1) भारत के प्रधानमंत्री उत्तर: (2) केंद्रीय जनजातीय मामलों के मंत्री |
