30-Jun-2025

हुल दिवस

विविध

चर्चा में क्यों?  

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने हुल दिवस पर आदिवासी वीरों को नमन किया।

हुल दिवस के बारे में  

  • अवलोकन: ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन के विरुद्ध संघर्ष में आदिवासियों के बलिदान के सम्मान में झारखंड 30 जून को 'हुल दिवस' के रूप में मनाता है।  
  • 'हुल' का अर्थ : 'हुल' शब्द का शाब्दिक अर्थ क्रांति है; इसकी शुरुआत वर्ष 1855 में हुई थी।  
  • नेतृत्व: विद्रोह का नेतृत्व दो संथाल भाइयों सिद्धू और कान्हू ने किया था।  
  • क्षेत्र : यह दमिन-ए-कोह क्षेत्र में हुआ, जिसका अर्थ है "पहाड़ियों का किनारा", जो वर्तमान झारखंड में राजमहल पहाड़ियों के आसपास स्थित है।  
  • कारण : संथालों ने ब्रिटिश औपनिवेशिक उत्पीड़न और उनके स्थानीय सहयोगियों जैसे ज़मींदारों तथा पुलिस के खिलाफ विद्रोह किया।  
  • महत्त्व: हुल दिवस, संथाल विद्रोह की शुरुआत और ब्रिटिश शासन के विरुद्ध आदिवासी संघर्ष की स्मृति को चिह्नित करता है।
  • भारत डाक विभाग ने वर्ष 2002 में सिद्धू और कान्हू के सम्मान में 4 रुपए मूल्य का स्मारक डाक टिकट जारी किया। यह टिकट संथाल विद्रोह में उनके नेतृत्व की स्मृति में जारी किया गया था।

विषय  

विवरण  

संथाल विद्रोह 

  • संथाल विद्रोह या हुल' (1855-1856) ब्रिटिश शासन और ज़मींदारी प्रथा के खिलाफ एक आदिवासी विद्रोह था, जिसका नेतृत्व चार भाइयों - सिद्धू, कान्हू, चाँद तथा भैरव ने किया था।  

संथाल प्रवास  

  

  • संथाल लोग बीरभूम और मानभूम (बंगाल) से वर्तमान संथाल परगना में चले गए। अंग्रेज़ों ने राजस्व वसूलने के लिये उन्हें दामिन-ए-कोह में बसाया।  

  

विद्रोह के कारण  

  

  • यह विद्रोह ब्रिटिश शोषण, जबरन उत्खनन, संपत्ति की हानि, गलत भूमि माप और अन्य अन्याय के कारण शुरू हुआ था।  

  

योजना और भागीदारी  

  • हुल एक सुव्यवस्थित विद्रोह था जिसमें गुरिल्ला युद्ध, गुप्त ठिकाने और सैन्य योजना शामिल थी। कुछ गैर-आदिवासी हिंदू समुदायों ने भी इसका समर्थन किया।  

महिलाओं की भूमिका  

  • फुलो और झानो नामक दो बहनों ने विद्रोह में 1,000 महिलाओं का नेतृत्व किया तथा ब्रिटिश सेना को दो बार हराया।  

विद्रोह का अंत  

  • अंग्रेज़ों ने मार्शल लॉ लागू कर दिया, जो जनवरी 1856 में समाप्त हो गया। बाद में प्रेसीडेंसी सेनाओं द्वारा विद्रोह को कुचल दिया गया।  

हुल का प्रभाव  

  • संथाल विद्रोह ने भावी विद्रोहों को प्रेरित किया, 1857 के विद्रोह को प्रभावित किया और झारखंड में आदिवासी प्रतिरोध का प्रतीक बन गया।  

MCQ के माध्यम से तैयारी   

प्रश्न. वर्ष 1855 के संथाल विद्रोह के मुख्य नेता कौन थे? 

(1) फुलो और झानो
(2) सिधू और कान्हू
(3) चाँद और भैरव
(4) बिरसा मुंडा और तिलका मांझी  

उत्तर: (2) सिद्धू और कान्हू