22-Aug-2025
रूबेला
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी
चर्चा में क्यों?
WHO ने आधिकारिक रूप से नेपाल को रूबेला-मुक्त घोषित कर दिया है।
- रूबेला (जर्मन खसरा): यह अत्यधिक संक्रामक वायरल संक्रमण है, जो रूबेला वायरस (सिंगल-स्ट्रेन्डेड RNA वायरस) के कारण होता है। इसके लक्षणों में हल्का बुखार और चकत्ते (rash) शामिल हैं।
- जोखिम और प्रभाव: यह संक्रमण गर्भवती महिलाओं के लिये गंभीर जोखिम उत्पन्न करता है (इसमें गर्भपात, स्टिलबर्थ (मृतजन्म), शिशुओं में जन्मजात रूबेला सिंड्रोम (CRS) की संभावना होती है); बच्चों और वयस्कों में इसका जोखिम कम होता है।
| जन्मजात रूबेला सिंड्रोम (CRS) से सुनने की क्षमता में कमी, मोतियाबिंद, हृदय दोष और विकास में विलंब हो सकता है, जिससे रूबेला वैश्विक स्तर पर रोकथाम-योग्य जन्मजात दिव्यांगता का एक प्रमुख कारण बन गया है। |
- रोकथाम और टीकाकरण: खसरा-रूबेला (MR) वैक्सीन सबसे प्रभावी रोकथाम उपाय है।
- संबंधित भारतीय पहलें: राष्ट्रीय शून्य खसरा-रूबेला उन्मूलन अभियान (2025-26), जो सार्वजनिक टीकाकरण कार्यक्रम (UIP) के अंतर्गत चलाया जा रहा है, साथ ही मिशन इंद्रधनुष और सघन मिशन इंद्रधनुष भी इसमें सम्मिलित हैं।
- भारत का टीकाकरण कवरेज़: 90% से अधिक बच्चों को MR वैक्सीन की दोनों डोज़ दी गईं (वर्ष 2024-25)।