21-Jul-2025
नई लाइकेन प्रजाति की खोज
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी
चर्चा में क्यों?
भारतीय वैज्ञानिकों ने पश्चिमी घाट में लाइकेन की एक नई प्रजाति, एलोग्राफा इफ्यूसोरेडिका की खोज की है। यह खोज इस क्षेत्र के प्राचीन सहजीवन, विकासवादी अनुकूलन और जैवविविधता की समृद्धि को उजागर करती है।
लाइकेन के बारे में
- लाइकेन कोई एकक जीव नहीं, बल्कि दो या दो से अधिक जीवों के सहजीवी होते हैं, जो मिलकर एक इकाई की तरह कार्य करते हैं:
- फंजाई (कवक)-संरचना व सुरक्षा प्रदान करता है।
- फोटोबायॉन्ट (शैवाल या सायनोबैक्टीरिया)- सूर्य के प्रकाश को ग्रहण करता है और भोजन का उत्पादन करता है।
- पारिस्थितिकी भूमिका: मृदा निर्माण, कीटों के लिये भोजन तथा पर्यावरणीय स्वास्थ्य के जैव संकेतक के रूप में कार्य करते हैं।
- एलोग्राफा इफ्यूसोरेडिका a. थैलस, b. सोरेडिया, c. एस्कस I+ नीले एस्कोस्पोर्स, d. स्पष्ट हाइमेनियम, e. एस्कोस्पोर्स +
- खोज की मुख्य विशेषताएँ
- प्रजाति का नाम: एलोग्राफा इफ्यूसोरेडिका
- विशिष्ट गुण:
- इफ्यूज़ सोरेडिया युक्त एक क्रस्टोज़ लाइकेन
- नॉरस्टिक्टिक अम्ल की उपस्थिति (इस वंश में दुर्लभ)
- ट्रेंटेपोहलिया शैवाल (फोटोबायोन्ट) के साथ सहजीवन दर्शाता है।
- महत्त्व: आणविक डाटा के माध्यम से पहली भारतीय एलोग्राफा प्रजाति की पुष्टि हुई।
- जैवविविधता में वृद्धि: भारत से एलोग्राफा की 53वीं प्रजाति तथा पश्चिमी घाट से 22वीं प्रजाति दर्ज की गई।
MCQ के माध्यम से तैयारीप्रश्न. हाल ही में पश्चिमी घाट में खोजा गया एलोग्राफा इफ्यूसोरेडिका है: (1) एक नई कीट प्रजाति उत्तर: (2) नॉरस्टिक्टिक एसिड युक्त क्रस्टोज़ लाइकेन |
