20-Aug-2025

मन्नार की खाड़ी

पर्यावरण और पारिस्थितिकी

चर्चा में क्यों?

  मन्नार की खाड़ी, जो कि  प्रवाल विरंजन (Coral Bleaching) से व्यापक रूप से प्रभावित हुई है, में   कृत्रिम प्रवाल भित्ति पुनर्स्थापन   हेतु गोताखोरों द्वारा त्रिकोणीय एवं छिद्रित समलम्बाकार (Perforated Trapezoidal) संरचनाएँ पानी के भीतर स्थापित की गई हैं।

  • यह दक्षिण-पूर्व भारत और उत्तर-पश्चिम श्रीलंका के मध्य, लक्षद्वीप सागर का हिस्सा है।
  • इसमें 21 द्वीप सम्मिलित हैं तथा यह   रामेश्वरम, आदम का पुल (Adam’s Bridge) और मन्नार द्वीप   से घिरी हुई है।
  • इसमें भारत की ताम्रपर्णी नदी तथा श्रीलंका की मलवाथु ओया नदी आकर मिलती हैं।
  • यहाँ तूतिकोरिन (Tuticorin) बंदरगाह स्थित है तथा यह अपने   मोती भंडारों (पर्ल बैंक) और पवित्र शंख (Sacred Chank)   के लिये प्रसिद्ध है।
  • मन्नार की खाड़ी जैवमंडल निचय क्षेत्र (स्थापित 1989)   को वर्ष 2001 में यूनेस्को द्वारा मान्यता प्रदान की गई।
    • यह दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया का प्रथम समुद्री जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र है; इसमें समुद्री राष्ट्रीय उद्यान (स्थापित 1982) भी शामिल है।