21-Jul-2025
एकीकृत भुगतान इंटरफेस (UPI)
भारतीय अर्थव्यवस्था
चर्चा में क्यों?
भारत को तीव्र भुगतान के क्षेत्र में वैश्विक अग्रणी के रूप में मान्यता प्राप्त हुई है, जैसा कि हाल ही में अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की रिपोर्ट "ग्रोइंग रिटेल डिजिटल पेमेंट्स: द वैल्यू ऑफ इंटरऑपरेबिलिटी" में उल्लेखित किया गया है।
एकीकृत भुगतान इंटरफेस (UPI) के बारे में
- UPI को वर्ष 2016 में भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) द्वारा विकसित किया गया था।
- यह उपयोगकर्त्ताओं को किसी भी भागीदार बैंक के एकल मोबाइल ऐप में कई बैंक खातों को जोड़ने की सुविधा देता है।
- यह मंच विभिन्न बैंकिंग सुविधाओं, जैसे धन अंतरण आदि को एकीकृत रूप से उपलब्ध कराता है।
- यह तत्काल भुगतान सेवा (IMPS) अवसंरचना पर आधारित है।
- UPI को इसकी सरलता, सुरक्षा और विश्वसनीयता के लिये जाना जाता है तथा यह विश्व का सबसे सफल वास्तविक-समय भुगतान प्रणाली है।
- यह व्यक्ति-से-व्यक्ति (P2P) और व्यक्ति-से-व्यापारी (P2M) दोनों प्रकार के लेन-देन का समर्थन करता है।
भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI)
- NPCI एक केंद्रीय संगठन है, जो भारत में खुदरा भुगतान और निपटान प्रणालियों का प्रबंधन करता है।
- इसका गठन भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) और भारतीय बैंक संघ (IBA) की संयुक्त पहल के रूप में किया गया था।
- भुगतान और निपटान प्रणाली अधिनियम, 2007 के तहत स्थापित।
- कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 8 के अंतर्गत "लाभ-रहित" कंपनी के रूप में पंजीकृत है।
- NPCI ने कई प्रमुख भुगतान प्रणालियाँ शुरू की हैं जैसे रुपे कार्ड, तत्काल भुगतान सेवा (IMPS), एकीकृत भुगतान इंटरफेस (UPI), भीम ऐप, भीम आधार और भारत बिलपे।
MCQ के माध्यम से तैयारीप्रश्न. भारत में एकीकृत भुगतान इंटरफेस (UPI) का विकास किसने किया? (1) भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) उत्तर: (4) भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) |

